आज की नारी

आज की नारी

रास्ते मे चलने वाली लड़कियों को माँ बहन की नज़र से देखने की सलाह देने वाली औरते क्या खुद रास्तेमें चलने वाले लड़को को भाई/पिता की नज़र से देखती है???

कौन सी बहन या बेटी अपने पिता भाई के आगे नंगी घूमती है…या स्तन जांघे दिखाती है।। रास्ते में कई पुरुष पागल घूमते है…जिनके तन पर कई बार कपड़े नही होते…उन पुरुषो को कितनी औरतो/लड़कियों ने भाई या पिता की नज़र से देखते हुए उनकी मदद की?? जो स्त्रिया/लडकिया समाज का सम्मान नही करती वो किस हक से मुसीबत पड़ने पर समाज से मदद की उम्मीद करती है? बात बात पर पुरुषो से तुलना करने वाली लड़कियों से पुरुषो के समान ही व्यवहार क्यों न किया जाए?? खुद को सीता सावित्री से तुलना करने वाली आज की आधुनिक स्त्रिया सीता-सावित्री की नौकरानी बनने की हैसियत नही रखती।

आज की आधुनिक लडकिया पति के जिंदा रहते हुए माँग का सिंदूर पोछ लेती है क्योंकि ये उन्हें बोझ लगता
हैं। ऑफिस में खुद को सिंगल बताती हैं।
औलाद को स्तनपान नही कराती क्योंकि उनका फिगर बिगड़ जाएगा… इन्हें खाना बनाना आता ही नही…शायद ये खुद बावर्ची कहलाना पसंद न करती हो…सास ससुर इन्हें नही चाहिए पर उनकी संपत्ति चाहिए… सुबह 10बजे तक इन्हें बिस्तर में टांगे चौड़ी करके सोना है….पति से कोई मतलब नही मगर पति की सैलरी से हमेशा इन्हें मतलब रहता है…बच्चे की तेल मालिश करने में इन्हें जोर आता है ..कई बार मातृत्व का अभाव इतना बढ़ जाता है इनमे की इनके स्तन से दूध निकलता ही नही…वो मनुष्य का पहला आहार सिर्फ पुरुषो को आकर्षित करने की वस्तु मात्र बन जाता है…. न परिवार की समझ,न पति का सम्मान,न औलाद की देखभाल, आधुनिकता में पागल ये आज की अनाड़ी नारी किस हक से खुद को भारतीय नारी कहते हुए देवियो के समान सम्मान चाहती है?? जो एक माँ नही बन पा रही…जिसमें पत्नी का अस्तित्व नही…सिर्फ मांस हड्डी रक्त का लोथड़ा है जिसको आधुनिक प्रसाधनों से चमका कर खुद को सुंदर दिखाने में लगी आज की नारी क्या खाक घर बसाएगी??

जो लिप्स्टिक लगाना नही भूलती मगर जीते जी सिंदूर पोछकर आधुनिक विधवा कहलाना पसंद करती है…पति का सरनेम लगाने से उसकी पहचान पर खतरा मंडराने लगता है…ऐसी ओछी और संकीर्ण मानसिकता वाली नारी का क्या हम सम्मान करें??? मैं जानता हूं कि हर औरत ऐसी नही होती…मगर अधिकतर औरते आज ऐसी ही है…

#BharatKiLaxmi #BharatKiBeti

2 Replies to “आज की नारी”

  1. Part of the problem with women not respecting men is that men have stopped respecting themselves. If a man respects himself enough, he will not tolerate poor behaviour from his wife, any more than he will accept it in himself. If he sets the standards high and lives to them himself, his wife is more likely to do so.

    In modern society, it is an effort for a man to respect himself. Feminism tells men they are useless (“a woman needs a man like a fish needs a bicycle”). Public laws, policy and education increasingly make it hard for men to think well of themselves but this is what they must do. Respect yourself, respect your fellow man. Encourage that respect in all men and boys and the women will follow, as women always have.

    (Sorry for having to reply in English.)

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